2025 के अंत में भारतीय रेलवे ने एक बार फिर से ट्रेन टिकट किराया बढ़ाने का ऐलान किया है। यह बदलाव लाखों यात्रियों को प्रभावित करेगा। चाहे आप स्लीपर में सफर करते हों या AC कोच में, अब आपको पुराने किराये की तुलना में थोड़ा ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। इस लेख में हम IRTCT/Indian Railways के नए नियम, कब लागू होंगे, किस क्लास में कितना किराया बढ़ा है, और इसके लाभ-हानि सब कुछ सरल भाषा में बताएँगे।
नए नियम कब और कैसे लागू होंगे?

भारतीय रेलवे ने नई किराया व्यवस्था को यात्रियों पर अचानक बोझ न पड़े, इसलिए दो चरणों में लागू किया है। पहला बदलाव 1 जुलाई 2025 से किया गया, जिसमें कई कोच क्लास के प्रति किलोमीटर मूल किराये में हल्की बढ़ोतरी की गई थी। वहीं दूसरा और नया बदलाव 26 दिसंबर 2025 से लागू होगा, जिसका ऐलान रेलवे मंत्रालय ने चालू वित्तीय वर्ष के तहत किया है।
खास बात यह है कि ये बदलाव सिर्फ टिकट के बेस फेयर में किए गए हैं, जबकि रिजर्वेशन चार्ज, GST और सुपरफास्ट सरचार्ज जैसी अतिरिक्त फीस पहले की तरह ही लागू रहेंगी।
किस क्लास का किराया कितना बढ़ा?
1) Ordinary Class (Non-AC, Unreserved / Second Class)
Ordinary Class (Non-AC / Unreserved) में 215 किमी तक की यात्रा पर किराया नहीं बढ़ा है। वहीं 215 किमी से ज्यादा दूरी पर अब 1 पैसा प्रति किमी अतिरिक्त देना होगा। यानी 500 किमी के सफर में करीब ₹10 ज्यादा लगेंगे—छोटी यात्राओं पर कोई असर नहीं, लंबी दूरी में हल्की बढ़ोतरी।
2) Mail/Express (Non-AC Reserved Coaches)
Mail/Express ट्रेनों के Non-AC Reserved कोच में अब किराया थोड़ा बढ़ा दिया गया है। इसमें Sleeper (SL), Second Sitting (2S) और First Class (FC) शामिल हैं। इन सभी श्रेणियों में 2 पैसे प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी की गई है। यानी अगर आप दिल्ली से मुंबई (करीब 1400 किमी) की यात्रा करते हैं, तो आपके टिकट पर लगभग ₹28 तक ज्यादा खर्च आ सकता है। यह बढ़ोतरी छोटी है, लेकिन लंबी दूरी के यात्रियों पर इसका असर साफ दिखेगा।
3) AC Classes (Reserved Air-Conditioned Coaches)
AC 3-Tier, AC 2-Tier और AC First Class में अब 2 पैसे प्रति किलोमीटर किराया बढ़ा है। यानी 1000 किमी की AC यात्रा पर टिकट का बेस किराया करीब ₹20 ज्यादा देना होगा। यह बढ़ोतरी छोटी है, लेकिन लंबी दूरी में महसूस होगी।
क्या कुछ सेवाएँ प्रभावित नहीं होंगी?
किराया बढ़ोतरी का असर लोकल/सबर्बन ट्रेनों और मंथली सीजन टिकट पर नहीं पड़ेगा। इन सेवाओं के किराए पहले जैसे ही रहेंगे, जिससे रोज़ाना सफर करने वालों को राहत मिलेगी।
क्यों यह बदलाव हुआ?
रेलवे किराया बढ़ाने की वजह बढ़ती ऑपरेशनल लागत, जैसे ईंधन और मेंटेनेंस खर्च, बताई गई है। रेलवे का कहना है कि इससे सेवाओं को बेहतर और टिकाऊ बनाया जा सकेगा। यह बढ़ोतरी बहुत ज्यादा नहीं है, लेकिन लंबी दूरी के यात्रियों को थोड़ा अधिक किराया देना होगा। इससे रेलवे को इस साल करीब 600 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलने की उम्मीद है।
आम यात्रियों पर क्या असर पड़ेगा?
छोटे यात्रा करने वाले:
आम यात्रियों पर इसका असर बहुत कम होगा। छोटी दूरी की यात्रा करने वालों और लोकल ट्रेन यात्रियों के किराए में कोई बदलाव नहीं किया गया है, इसलिए उनका सफर पहले जैसा ही रहेगा।
लंबी दूरी वाले:
लंबी दूरी की यात्रा में Sleeper और AC टिकट का किराया थोड़ा बढ़ सकता है। दूरी के हिसाब से कुल खर्च लगभग ₹10 से ₹50 तक बढ़ सकता है।
Special / Premium ट्रेनें जैसे Rajdhani, Shatabdi, Vande Bharat, Tejas आदि में नई नियम के अनुसार किराया बढ़ जाएगा, चाहे इनमें कोई भी विशेष सुविधा क्यों न हो।
कुछ लोग क्या कह रहे हैं?
कुछ लोग कहते हैं कि इतनी थोड़ी बढ़ोतरी से ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा और रेलवे को पहले अपनी सेवा की गुणवत्ता सुधारने पर ध्यान देना चाहिए। वहीं सरकार का कहना है कि ये बढ़ोतरी रेलवे की लंबी अवधि की आर्थिक मजबूती के लिए जरूरी है।
निष्कर्ष :
आज की खबर यह है कि रेलवे/IRCTC ने टिकट के किराए में बदलाव किया है। छोटे यात्रियों को राहत दी गई है, लेकिन लंबी दूरी और पैसेंजर ट्रेनों में किराया बढ़ गया है। AC और रिजर्व्ड कोच की टिकट थोड़ी महंगी होंगी। अगर आप आने वाले महीनों में यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो इस बढ़े हुए किराए को ध्यान में रखें।
आपका क्या विचार है — क्या इतनी छोटी किराया बढ़ोतरी पर्याप्त है या यात्रियों को और राहत मिलनी चाहिए? नीचे comment में बताइए!
Disclaimer :
इस लेख में दी गई जानकारी IRTCT/Indian Railways के नए किराया नियमों पर आधारित है और सामान्य सूचना के लिए है। वास्तविक किराया, नियम और लागू तिथि के लिए हमेशा अधिकारिक IRCTC वेबसाइट या रेलवे नोटिफिकेशन देखें।
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