आज यानी 7 सितंबर 2025 को चंद्र ग्रहण होने वाला है। चंद्र ग्रहण धार्मिक और खगोलीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यह ग्रहण भारत समेत एशिया, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया के कुछ हिस्सों में देखा जा सकेगा। ऐसे में ज्योतिष और धर्म के अनुसार, ग्रहण से पहले और दौरान लगने वाला सूतक काल विशेष महत्व रखता है।
सूतक काल क्या है?
सूतक काल एक ऐसा समय होता है जो किसी ग्रहण के लगभग 9 घंटे पहले शुरू होता है। इसे अशुभ समय माना जाता है। इस दौरान वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा अधिक सक्रिय हो जाती है। इसलिए इस समय पूजा-पाठ, भोजन और शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं। सूतक काल का मुख्य उद्देश्य यह है कि ग्रहण के दुष्प्रभाव से बचा जा सके और वातावरण तथा मन शुद्ध रहे।
Via: AmarUjala
Chandra Grahan 2025 Sutak Time
सूतक आरंभ: 7 सितंबर 2025, दोपहर 12:57 बजे
सूतक समाप्त: 8 सितंबर 2025, रात 1:27 बजे
सूतक काल में क्या न करें?
सूतक काल में कुछ चीज़ें वर्जित मानी जाती हैं। इसे पालन करना आध्यात्मिक दृष्टि से उत्तम होता है।
भोजन और जल ग्रहण न करें।
बाल और नाखून न काटें।
कोई धार्मिक या शुभ कार्य न करें – जैसे विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश।
मंदिर का द्वार बंद रहता है।
गर्भवती महिलाओं को सावधानी रखनी चाहिए, जैसे चाकू, कैंची, सुई का प्रयोग न करें।
मनोरंजन से बचें, जैसे टीवी, मोबाइल गेम।
ध्यान दें: बीमार, वृद्ध और छोटे बच्चों को इन नियमों से कुछ छूट दी जा सकती है।
सूतक काल में क्या करें?
सकारात्मक काम और आध्यात्मिक साधना इस समय उचित होती है।
मंत्र जाप करें – जैसे “ॐ नमः शिवाय”, “ॐ गं गणपतये नमः”।
धार्मिक ग्रंथ पढ़ें – गीता, रामचरितमानस, दुर्गा चालीसा।
मौन धारण करें और मानसिक जप करें।
नकारात्मक विचारों से दूर रहें और सकारात्मक सोच अपनाएँ।
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ग्रहण समाप्ति के बाद क्या करें?
स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें।
घर और पूजा स्थल की सफाई करें।
भगवान को भोग लगाएं और दीप जलाएं।
बचे हुए भोजन को त्याग दें (यदि इसमें ग्रहण से पहले तुलसी या कुशा की पत्तियाँ डाली हों, तभी सेवन करें)।
जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या दक्षिणा दान करें।
भारत में चंद्र ग्रहण 2025 कहां दिखाई देगा?
चंद्र ग्रहण भारत के अधिकांश हिस्सों में साफ दिखाई देगा। विशेषकर नई दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद, बेंगलुरु, अहमदाबाद, जयपुर और लखनऊ में यह दृश्य स्पष्ट होगा। इसके अलावा, यह ग्रहण एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका और यूरोप के कुछ हिस्सों में भी देखा जा सकेगा।
निष्कर्ष
Chandra Grahan 2025 Sutak Time धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। सूतक काल में सावधानी बरतना और सकारात्मक कार्य करना आपके लिए लाभकारी रहेगा। ग्रहण समाप्त होने के बाद उचित पूजा और दान से ग्रहण के दुष्प्रभाव कम किए जा सकते हैं।
Disclaimer (अस्वीकरण)
यह लेख केवल सूचना और सामान्य ज्ञान के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई ज्योतिषीय और धार्मिक जानकारी व्यक्तिगत अनुभव, परंपरा और आम मान्यताओं पर आधारित है।
महत्वपूर्ण बातें:
इस लेख की जानकारी का उपयोग पूरी तरह व्यक्तिगत विवेक और धार्मिक आस्था के आधार पर करें।
किसी भी तरह के स्वास्थ्य, कानूनी, वित्तीय या अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से परामर्श करें।
सूतक काल और ग्रहण से जुड़ी मान्यताएँ वैज्ञानिक दृष्टि से प्रमाणित नहीं हैं।
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