गोरखपुर अब सिर्फ धार्मिक नगरी ही नहीं बल्कि क्रिकेट का नया अड्डा भी बनने जा रहा है। उत्तर प्रदेश में 392 करोड़ रुपये से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण प्रस्तावित है, जो शहर की खेल संस्कृति को नई दिशा देगा।
भारत के खेल मानचित्र पर गोरखपुर का नया मुकाम :

उत्तर प्रदेश सरकार ने गोरखपुर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बनाने की योजना को कैबिनेट की मंजूरी दे दी है। यह स्टेडियम गोरखपुर‑वाराणसी फोरलेन के पास स्थित ताल नदौर में लगभग 50 एकड़ भूमि में विकसित किया जाएगा।
लोकेशन और कनेक्टिविटी :
गोरखपुर क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण ताल नदौर, गोरखपुर में किया जा रहा है, जो लोकेशन के लिहाज से काफी उपयुक्त मानी जा रही है। यह जगह शहर के प्रमुख हिस्सों से आसानी से जुड़ी हुई है। स्टेडियम एयरपोर्ट से लगभग 23.6 किलोमीटर, रेलवे जंक्शन से करीब 20 किलोमीटर और मुख्य बस स्टेशन से लगभग 22 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इसके अलावा, यहां से एनएच-24 (गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन) का सीधा कनेक्शन मिलेगा, जिससे आने-जाने में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
कुल मिलाकर, यह लोकेशन शहरी सुविधाओं और हाईवे नेटवर्क से अच्छी तरह जुड़ी होने के कारण खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों के लिए बेहद सुविधाजनक साबित होगी।
सुविधाएँ और डिजाइन :
गोरखपुर में बनने वाला यह क्रिकेट स्टेडियम पूरी तरह विश्वस्तरीय मानकों पर तैयार किया जाएगा। स्टेडियम में करीब 30,000 दर्शकों के बैठने की क्षमता होगी, जिससे बड़े अंतरराष्ट्रीय और घरेलू मैच आसानी से कराए जा सकेंगे। यहां कुल 11 पिचें बनाई जाएंगी, जिनमें एक मुख्य पिच के साथ कई अभ्यास पिचें भी शामिल होंगी।
दर्शकों और खिलाड़ियों की सुविधा के लिए 1500 वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा स्टेडियम में आधुनिक फ्लडलाइट, मीडिया सेंटर और प्रैक्टिस जोन जैसी सभी जरूरी सुविधाएं होंगी। खास बात यह है कि इसका डिजाइन स्थानीय सांस्कृतिक थीम से प्रेरित होगा, जिससे यह स्टेडियम गोरखपुर की पहचान को भी दर्शाएगा। इसके बन जाने के बाद यह यूपी का चौथा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम होगा, जो कानपुर, लखनऊ और बनारस के बाद राज्य को एक और बड़ी खेल सौगात देगा।
बजट बढ़ा — क्या वजह?
स्टेडियम के निर्माण की लागत पहले ₹352 करोड़ आंकी गई थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर ₹392 करोड़ कर दिया गया है। सरकार के अनुसार यह फैसला कैबिनेट की मंजूरी के बाद लिया गया है, जिसमें निर्माण से जुड़ा खर्च, टैक्स और स्टेडियम में जोड़ी जाने वाली आधुनिक सुविधाओं को शामिल किया गया है। स्टेडियम बनाने की जिम्मेदारी नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी (NCC) को दी गई है और अगले दो महीनों के भीतर इसका शिलान्यास होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि निर्माण कार्य पूरा होने में करीब दो साल का समय लग सकता है।
क्यों यह प्रोजेक्ट महत्वपूर्ण है?
खेल और युवा विकास
गोरखपुर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बनने से युवाओं को आगे बढ़ने का बड़ा मौका मिलेगा। स्थानीय खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। इससे खेल पर्यटन बढ़ेगा और शहर की अर्थव्यवस्था को भी फायदा होगा। कुल मिलाकर, यह स्टेडियम गोरखपुर को खेल और युवा ऊर्जा का नया केंद्र बनाएगा।
उत्तर प्रदेश का खेल मानचित्र :
अब तक उत्तर प्रदेश में ज़्यादातर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच कानपुर और लखनऊ जैसे बड़े शहरों तक ही सीमित थे। लेकिन गोरखपुर जैसे पूर्वांचल के शहर में स्टेडियम बनने से खेल का दायरा और बढ़ेगा। इससे पूर्वांचल के युवाओं को भी बड़े स्तर पर खेलने और अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा, साथ ही पूरे क्षेत्र में खेल के प्रति रुचि और सुविधाएं दोनों बढ़ेंगी।
स्थानीय और आम जनता की प्रतिक्रिया :
क्रिकेट प्रेमियों में इस खबर को लेकर उत्साह का माहौल है। कई लोगों का मानना है कि यह स्टेडियम कोहली, सूर्यकुमार यादव जैसे सितारों के सिक्सर देखने का सपना साकार करेगा।
कई युवा खिलाड़ी भी इस फैसले से उत्साहित हैं और कह रहे हैं कि अब उन्हें अपने शहर में ही बड़े मैच देखने का मौका मिलेगा। कुछ लोगों का यह भी मानना है कि बड़े आयोजन बिजनेस अवसरों को भी बढ़ाएंगे।
निर्माण की चुनौतियाँ और उम्मीदें :
बजट बढ़ना, जमीन तैयार करना और समयसीमा का पालन करना ऐसे कारक हैं जिन पर सरकारी निगाहें हैं। हालांकि नए अनुमान के हिसाब से जल्दी निर्माण और 2027 तक स्टेडियम को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
निष्कर्ष :
गोरखपुर में 392 करोड़ रुपये के बजट से बनने वाला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम सिर्फ एक खेल मैदान नहीं होगा, बल्कि यह युवा ऊर्जा, खेल प्रेम और नए अवसरों का प्रतीक बनेगा। इससे न सिर्फ शहर की पहचान मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय खिलाड़ियों और दर्शकों को दुनिया स्तर के मैच देखने और खेलने का मौका मिलेगा।
क्या आप सोचते हैं कि यह स्टेडियम गोरखपुर को भारत के खेल मानचित्र पर एक नई पहचान देगा? टिप्पणी में अपनी राय जरूर बताएं!
डिस्क्लेमर :
यह लेख विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स, सरकारी घोषणाओं और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारियों पर आधारित है। गोरखपुर में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम से जुड़ी लागत, स्थान, सुविधाएं और समय-सीमा में भविष्य में बदलाव संभव है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी अंतिम निर्णय से पहले संबंधित सरकारी या आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि अवश्य करें। यह लेख केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से लिखा गया है।
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