AI Anti-Drone Patrol Vehicle: भारत की सीमा सुरक्षा को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी तकनीकी उपलब्धि सामने आई है। इंड्राजाल ड्रोन डिफेंस ने देश का पहला पूरी तरह मोबाइल और AI-आधारित एंटी-ड्रोन पेट्रोल व्हीकल “Indrajaal Ranger” लॉन्च कर दिया है। यह खास युद्धक वाहन चलते-चलते दुश्मन ड्रोन की पहचान करने, उसका पीछा करने और तुरंत उसे निष्क्रिय करने की क्षमता रखता है। अब तक एंटी-ड्रोन सिस्टम स्थिर जगहों पर तैनात होते थे, लेकिन Ranger को खास तौर पर ऑन-द-मूव ऑपरेशन के लिए तैयार किया गया है, जो बॉर्डर रोड, नहरों, खेतों, शहरों और संवेदनशील इलाकों में लगातार पेट्रोलिंग करते हुए सुरक्षा प्रदान करेगा।
हाल के समय में ड्रोन के जरिए हथियारों की तस्करी, नशे के कारोबार और सीमा पार से हो रही घुसपैठ में तेजी आई है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, पाकिस्तान से आने वाले ड्रोन का इस्तेमाल हथियारों और ड्रग्स की सप्लाई के लिए बड़े पैमाने पर किया जा रहा है, जिससे करीब तीन लाख करोड़ रुपये के अवैध नेटवर्क को ताकत मिल रही है। इसी बढ़ते खतरे को देखते हुए एक ऐसे सिस्टम की जरूरत महसूस की गई जो तेज़ी से मूव कर सके, तुरंत खतरे को पहचान सके और बिना देरी के उसे खत्म कर सके, और यही जरूरत Indrajaal Ranger से पूरी होती है।
Indrajaal Ranger में कंपनी की खुद की विकसित की गई SkyOS टेक्नोलॉजी लगी है, जो मल्टी-सेंसर डेटा को जोड़कर रियल-टाइम में निर्णय लेने की क्षमता रखती है। यह सिस्टम C5ISRT फ्रेमवर्क पर काम करता है, जिसकी मदद से वाहन खुद तय कर सकता है कि सामने उड़ रहा ड्रोन कितना बड़ा खतरा है। इसके बाद यह अपने आप उसे ट्रैक करता है, इंटरसेप्ट करता है और न्यूट्रलाइज करने की प्रक्रिया शुरू कर देता है। यह पूरा ऑपरेशन पूरी तरह ऑटोमेटेड और AI-कंट्रोल्ड होता है।
Indrajaal के CEO और फाउंडर किरण राजू ने इस लॉन्च को देश की सुरक्षा के लिए एक अहम कदम बताया। उन्होंने कहा कि हर एक दुश्मन ड्रोन को निष्क्रिय करना कई जिंदगियों को बचाने के बराबर है और यही उनकी कंपनी का मूल उद्देश्य है। उनके अनुसार, Indrajaal का मिशन सिर्फ टेक्नोलॉजी बनाना नहीं बल्कि देश की आज़ादी, सुरक्षा और नागरिकों के भविष्य की रक्षा करना है।
लॉन्च समारोह के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र प्रताप पांडे (रिटायर्ड) ने भी इस तकनीक की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह वाहन केवल एक मशीन नहीं बल्कि देश के किसानों, बच्चों, नागरिकों और सीमा पर तैनात जवानों के लिए एक सुरक्षा कवच है। उनके अनुसार, ऐसी उन्नत तकनीक से अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क कमजोर होंगे और देश को एक सुरक्षित भविष्य की ओर ले जाया जा सकेगा।
Indrajaal Ranger की तैनाती से ड्रोन के जरिए होने वाली हथियार और मादक पदार्थों की सप्लाई पर बड़ा असर पड़ेगा। इससे स्मगलिंग और आतंकी नेटवर्क की रीढ़ मानी जाने वाली लॉजिस्टिक सप्लाई टूटेगी, जिससे उनकी आर्थिक ताकत कमजोर होगी और भर्ती नेटवर्क पर भी असर पड़ेगा। इससे बॉर्डर इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच सुरक्षा और सम्मान की भावना मजबूत होगी।
इंड्राजाल भारत की अग्रणी स्वदेशी काउंटर-ड्रोन और एयर डिफेंस टेक्नोलॉजी कंपनी है, जिसके सिस्टम पहले से ही कई हाई-सिक्योरिटी ज़ोन जैसे एयरपोर्ट, रिफाइनरी, इंडस्ट्रियल एरिया और सैन्य ठिकानों पर इस्तेमाल हो रहे हैं। कंपनी को ARDTC सर्टिफिकेशन भी मिल चुकी है, जिससे यह राष्ट्रीय स्तर पर अपने काउंटर-यूएएस सिस्टम को तैनात करने के लिए पूरी तरह अधिकृत हो चुकी है। आने वाले समय में Indrajaal Ranger को बड़े पैमाने पर बॉर्डर और संवेदनशील इलाकों में तैनात किया जा सकता है, जिससे भारत की आंतरिक सुरक्षा को एक नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
डिस्क्लेमर: यह खबर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारियों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सूचना देना है। किसी भी निर्णय से पहले आधिकारिक स्रोत से पुष्टि जरूर करें।
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